‘सत्या’ के 22 साल पूरे, मनोज बाजपेयी बोले-एक अकेली फिल्म ने कितना कुछ बदल डाला

22 years of 'Satya', Manoj Bajpayee said - how much did a single film change

मुंबई (mediasaheb.com) राम गोपाल वर्मा द्वारा निर्देशित फिल्म ‘सत्या’ के 22 साल पूरे हो गए हैं। यह फिल्म 3 जुलाई 1998 को रिलीज हुई थी। फिल्म ‘सत्या’ में भीकू म्हात्रे के किरदार से मनोज बाजपेयी पॉपुलर हुए थे। इस फिल्म में जेडी चक्रवर्ती, मनोज बाजपेयी, उर्मिला मातोंडकर, सौरभ शुक्ला और शेफाली शाह प्रमुख भूमिका में नजर आए थे। ‘सत्या’ में जेडी चक्रवर्ती ने सत्या का लीड रोल प्ले किया था। मनोज वाजपेयी ने भीकू म्हात्रे का किरदार निभाया था। कल्‍लू मामा के किरदार को अभिनेता सौरभ शुक्‍ला ने निभाया था। फिल्म में भीकू का एक फेमस डायलॉग था-मुंबई का किंग कौन…भीकू म्हात्रे।

इस फिल्म ने मनोज बाजपेयी की जिंदगी बदल दी। उनकी एक्ट‍िंग ने लोगों को प्रभाव‍ित किया। फिल्म ‘सत्या’ के 22 साल पूरे होने पर फिल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज ने ट्विटर पर फिल्म ‘सत्या’ से मनोज बाजपेयी का तस्वीर शेयर कर लिखा-‘यह फिल्म आज ही रिलीज हुई थी। 3 जुलाई 1998, बधाई। साथ ही उन्होंने राम गोपाल वर्मा, अनुराग कश्यप और मनोज बाजपेयी को टैग भी किया। इस पर मनोज बाजपेयी ने लिखा-‘यादें सुनहरी यादें!!! एक अकेली फिल्म ने कितना कुछ बदल डाला !!! धन्यवाद।’ 

क्राइम पर आधारित फिल्म ‘सत्या’ राम गोपाल वर्मा द्वारा निर्मित और निर्देशित है। इसकी कहानी सौरभ शुक्ला और अनुराग कश्यप द्वारा लिखित है और फिल्म में संदीप चौटा का संगीत था। लगभग 2 करोड़ के बजट में बनाई गई इस फिल्म ने उस वक्त 15 करोड़ से भी अध‍िक कमाई की थी। फिल्म ‘सत्या’ को बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस समेत 6 फिल्मफेयर और मनोज बाजपेयी को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवार्ड मिला था। इस फिल्म में अभिनेता मनोज बाजपेयी की एक्टिंग की काफी चर्चा हुई थी, लेकिन जब उन्हें इस भूमिका का प्रस्ताव दिया गया था तब वह खुश नहीं थे। क्योंकि उनकी इच्छा टाइटल रोल निभाने की थी। (हि स )(#thestates.news)

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