‘बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है’

'Bahna tied love to brother's wrist'

मुंबई, (mediasaheb.com)) भाई -बहन के रिश्तों की अटूट डोर का प्रतीक ‘राखी’ को केन्द्र में रख कर बॉलीवुड में कई फिल्मों और गीतों की रचना की गयी है जो हमेशा सुपरहिट रही हैं।
रक्षाबंधन का इंतजार हर भाई और बहन साल भर करते हैं। बहन अपने भाई के हाथ पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है और भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वादा करता है। इस खास मौके पर यदि रक्षाबंधन वाले गाने ना बजे तब राखी का मज़ा अधूरा सा लगता है। बहन-भाई के इस खूबसूरत रिश्ते पर बने कई गानें सुपरहिट रहे हैं।
निर्माता एल.वी प्रसाद की 1959 में प्रदर्शित फिल्म छोटी बहन संभवतः पहली फिल्म थी. जिसमें भाई.बहन के प्यार भरे अटूट रिश्ते को सिल्वर स्क्रीन पर दिखाया गया था। इस फिल्म में बलराज साहनी ने बड़े भाई और नन्दा ने छोटी बहन की भूमिका निभायी थी। शैलेन्द्र का लिखा और लता मंगेशकर द्वारा गाया फिल्म का गीत ‘भईया मेरे राखी के बंधन को निभाना’ बेहद लोकप्रिय हुआ था। रक्षा बंधन के गीतों में इस गीत का विशिष्ट स्थान आज भी बरकरार है।
विमल राय की फिल्म बंदिनी में भी एक बेहद मार्मिक गीत था, जिसमें बहन अपने पिता से भाई को सावन में भेजने का अनुरोध करती है।‘अब के बरसभेज भइया को बाबुल सावन में दीजो बुलाय रे’ । बहन की व्यथा को बतलाने वाले शैलेन्द्र का लिखे और एस.डी बर्मन के स्वरबद्ध किये इस गीत को भी आशा भोंसले ने अपना कर्णप्रिय स्वर दिया था।
           निर्माता-निर्देशक ए.भीम सिंह ने भाई-बहन के रिश्ते पर आधारित दो फिल्में राखी और भाई-बहन बनायी। वर्ष 1962 में रिलीज राखी में अशोक कुमार और वहीदा रहमान ने भाई-बहन की भूमिका निभायी थी। वर्ष 1968 में प्रदर्शित भाई-बहन में सुनील दत्त और नूतन मुख्य भूमिकाओं में थे। इसी दौर में फिल्म अनपढ़ और काजल में भाई-बहन के पवित्र प्रेम पर दो खूबसूरत गीत पेश किए गए। इनमें फिल्म अनपढ़ का माला सिन्हा पर लता मंगेशकर की आवाज में फिल्माया गीत ‘रंग बिरंगी राखी लेकर आई बहना’ आज भी दर्शकों और श्रोताओं को अभिभूत कर देता है। फिल्म में बलराज साहनी भाई की भूमिका में थे। फिल्म काजल में मीना कुमारी पर बेहद खूबसूरत गीत ‘मेरे भइया मेरे चंदा मेरे अनमोल रतन’ का फिल्मांकन किया गया था। रवि के संगीत निर्देशन में इस गीत को पार्श्व गायिका आशा भोंसले ने स्वर दिया था।
वर्ष 1971 में रिलीज फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा में देवानन्द और जीनत अमान ने भाई-बहन की भूमिका निभायी थी। फिल्म का गीत ‘फूलों का तारों का सबका कहना है,एक हजारों में मेरी बहना है’ आज भी सदाबहार गीतों में शामिल है।
वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म रेशम की डोरी में भाई-बहन के बीच प्यार को बखूबी दिखाया गया। इस फिल्म में धर्मेद्र और उनकी बहन के प्यार ने दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए और इस फिल्म का गाना ‘बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है’ आज भी बड़ी शिद्दत से सुना जाता है।
इसी तरह फिल्म बेईमान का ‘ये राखी बंधन है ऐसा’ फिल्म सच्चा झूठा का ‘मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुल्हनियां’ फिल्म चम्बल की कसम का ‘चंदा रे मेरे भइया से कहना’ फिल्म प्यारी बहना का ‘राखी के दिन’ , फिल्म हम साथ साथ हैं का ‘छोटे छोटे भाइयों के बड़े भईया’ और फिल्म तिरंगा का ‘इसे समझो न रेशम का तार’ आदि गीत भी काफी लोकप्रिय हुए।(#thestates.news)

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