राज्य सरकार के उद्योग हितैषी निर्णयों से बढ़ी औद्योगिक विकास की रफ्तार

The speed of industrial development increased due to industry friendly decisions of the state government

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों के हित में लगातार लिए फैसले

  • कोर सेक्टर के उद्योगों को पूरे राज्य में विद्युत छूट की पात्रता
  • जीएसटी कलेक्शन में 24 प्रतिशत की ग्रोथ
  • कोरोना काल में 848 औद्योगिक इकाईयों में किया गया 14 हजार 983 करोड़ का पूंजी निवेश
  • नये बायो इथेनाॅल प्लांट लगाने के लिए अर्लीबर्ड अनुदान के लिए समयावधि अब 18 महीने तक बढ़ी
  • भू जल के औद्योगिक उपयोग के लिए निर्धारित जल दरों में 20 से 33 प्रतिशत तक की कमी
     
    स्पंज आयरन एवं स्टील सेक्टर के उद्योगों के लिए विशेष पैकेज घोषित: क्षेत्रवार छूट की सीमा 60 प्रतिशत से 150 प्रतिशत तक की गई

रायपुर, (mediasaheb.com) राज्य सरकार द्वारा लिए गए दूरदर्शितापूर्ण निर्णयों से कोरोना संकट काल में भी छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति मिली है। राज्य सरकार द्वारा उद्योगों को बिजली दर में रियायत, अनुदान सहायता, विभिन्न स्वीकृतियां प्रदान करने की सरल और सुविधाजनक व्यवस्था के साथ स्थानीय उद्योगांे के उत्पादों को प्राथमिकता देने जैसे अनेक संवेदनशील फैसलों ने छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत के लिए संजीवनी का काम किया है। कोरोना के दौर में जब पूरे देश में औद्योगिक गतिविधियां थमी हुई थी, तब छत्तीसगढ़ के कोर सेक्टर के उद्योगों में उत्पादन जारी रहा। माह अप्रैल के आखरी सप्ताह में कोर सेक्टर के अलावा अन्य उद्योगों में भी उत्पादन की गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी थी। राज्य सरकार द्वारा उद्योगों के हित में लगातार फैसले लिए गए। इसका ही यह सुखद परिणाम रहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष सितम्बर माह की तुलना में वर्ष 2020 के सितम्बर माह में जीएसटी कलेक्शन में 24 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। वर्ष 2019 सितंबर माह में छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन 1490 करोड़ रुपए था, जो वर्ष 2020 सितंबर माह में कोरोना संकट के बावजूद बढ़कर 1841 करोड़ रुपए हो गया। इस वर्ष जनवरी 2020 से जून 2020 तक 848 औद्योगिक इकाईयों द्वारा 14 हजार 983 करोड़ का पूंजी निवेश कर उद्योगों में 15 हजार 424 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया।(the states. news)

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