कोरोना महामारी के बाद भारत लिख रहा है ​विकास की नई कहानी: राजनाथ सिंह

India is writing a new story of development after Corona epidemic: Rajnath Singh

तमिलनाडु के सेलम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के सम्मेलन को किया संबोधित 

नई दिल्ली, (media saheb.com)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को तमिलनाडु के सेलम में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ​भारत की एकता, प्रादेशिक अखंडता और संप्रभुता के साथ हमने न कभी समझौता किया था, न किया है, न कभी करेंगे। भारत और भारतवासियों का मस्तक कभी झुकने नहीं देंगे। उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए सवाल किया कि क्या उसे भारतीय सेना की बहादुरी और साहस पर संदेह है? क्या ऐसा करके वह गलवान में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों का अपमान नहीं कर रही है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा सम्मेलन को संबोधित करते हुए​ ​​​कोरोना महामारी के बाद देश में हो रहे सुधार को लेकर उन्होंने कहा कि भारत एक अलग ​​विकास की कहानी लिख रहा है। देश में लगातार विदेशी निवेश बढ़ रहा है, जिसके कारण शेयर बाजार में जमकर उछाल आ रहा है​​। ​​​राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं तमिल में अधिक बोलना चाहता था, लेकिन तमिल भाषा में बात नहीं कर​ पाने के लिए माफी मांगना चाहता हूं​​।​ ​तमिलनाडु में बन ​रहे डिफेंस कॉरिडोर का एक ​छोर इस सेलम से भी जुड़ा हुआ है। ​इसमें लगभग 8000 करोड़ ​रुपये निवेश ​करने की ​योजना है​​। अब तक 21 प्राइवेट सेक्टर की कंपनि​यां और 03 पीएसयू 1140 करोड़ ​रुपये का निवेश कर चुकी हैं​​।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने डॉ.​ ​एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया। राजनाथ ने जनता से पूछा कि क्या वह तमिलनाडु का सम्मान नहीं था? वर्ष 1974 में जब कांग्रेस सरकार ने श्रीलंकाई कच्चतीवु द्वीप छोड़ दिया था, तब वाजपेयी ने इस फैसले की निंदा की थी और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कही।​ रक्षा मंत्री ने कहा​ कि भाजपा यह कभी नहीं भूल सकती कि वह तमिलनाडु की बेटी पुरुची थलाइवी जया अम्मा थीं, जिन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की पहली सरकार का समर्थन किया था​​। यहां जब हमारी सरकार ​दोबारा बनेगी तो हमारी सरकार उनके और एमजीआर के विचारों पर काम करेगी​​।​ कांग्रेस ने राफेल विमानों की खरीद को लेकर एक अभियान देशभर में शुरू किया ​लेकिन कैग और सुप्रीम कोर्ट ने ​इन ​आरोपों को ​ख़ारिज कर दिया​​​।​​  
​उन्होंने कहा कि केंद्रीय संसाधन से राज्यों का हिस्सा 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दिया गया​ है​। अकेले​​ ​तमिलनाडु को 5 लाख 42 हजार करोड़ ​रुपये दिए गए जबकि ​यूपीए सरकार के आखिरी पांच वर्षों में ​​तमिलनाडु को​ ​​केवल 94,540 करोड़ ​रुपये ही मिले थे​​।​ पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ​ने कहा था कि जब दिल्ली से 100 पैसे चलते हैं तो 86 पैसे बीच में गायब हो जाते हैं​​।​ आज प्रधानमंत्री मोदीजी ने ऐसी व्यवस्था की है कि दिल्ली से 100 पैसा चलता है तो पूरे का पूरा 100 पैसा सेलम में गरीब के खाते में पहुंचता है​। (हि.स.) (the states. news)

Share This Link