संस्कृति से लोग जुड़े, लोगों से जुड़ी संस्कृति

People related to culture, Culture related to people

छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति को मिली वैश्विक पहचान

रायपुर, (media saheb.com) संस्कृति से लोग जुड़ते हैं और लोगों से संस्कृतियां जुड़ती है। संास्कृतिक आदान-प्रदान से समुदायों में भाई-चारा, परस्पर प्रेम और सद्भावना का विकास होता है। इसी उद्देश्य को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए हर वर्ष आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन का निर्णय लिया गया है। जनजाति समुदाय की अपनी विशिष्ट कला और संस्कृति होती है। प्रकृति से स्नेह रखने वाले और प्रकृति में ही रम जाने वाले इस समुदाय के नृत्य में कोई सानी नहीं है, उनका कदमताल और लयबद्धता और दुर्लभ वाद्य यंत्र बरबस ही सबको आकर्षित करती है।
इस अनूठे महोत्सव में मुख्यमंत्री ने डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा के गीत अरपा पैरी की धार गीत को राज्य गीत का दर्जा देकर इस आयोजन को यादगार बना दिया। इस आयोजन की महत्ता पर विचार प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा आपसी प्यार, भाईचारा, और अपनी कला के माध्यम से पूरी दुनिया को जोड़ने की ताकत रखते हैं। युवा अपनी रचनात्मक शक्ति के प्रस्फुटन से ऐसा काम करें कि दुनिया से नफरत मिट जाए और हम अपने पारंपरिक मूल्यों को संजोते हुए आदर्श और विश्व नागरिक की दिशा में बढ़े’ जैसे उद्गार से युवाओं में एक नया जोश और ऊर्जा का संचार हुआ।
छत्तीसगढ़ के वनांचल में रहने वाले अनेक जनजातीय समुदायों को उस वक्त पहली बार अंतर्राष्ट्रीय मंच मिला जब राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन हुआ। जनजातीय समुदायों की संस्कृति को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए आयोजित किए गए इस आयोजन में न केवल देश बल्कि विदेशों के भी जनजातीय कलाकारों ने नृत्य, गीत, संगीत की अनुपम छटा बिखेरी। इससे देश-विदेश के जनजातीय कलाकारों को एक दूसरे की संस्कृति, परम्पराओं को जानने, समझने का सुनहरा अवसर भी मिला। इससे छत्तीसगढ़ के जनजातीय कला संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है।For English News : the states.news

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